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राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नैनीताल में नशा-मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं ने लिया नशे से दूर रहने का संकल्प

नैनीताल। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, नैनीताल में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के उद्देश्य से नशा-मुक्ति जागरूकता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखण्ड प्रशासन अकादमी, नैनीताल एवं राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (एनआईएसडी), सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन अकादमी के महानिदेशक श्री बी. पाण्डेय के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालयी स्तर पर छात्र-छात्राओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारी देना तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान पाठ्यक्रम निदेशक सुश्री रागिनी तिवारी ने नशा-मुक्ति अभियान के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अकादमी के सी.जी.जी. द्वारा एनआईएसडी के सहयोग से नशा-निवारण को लेकर किए जा रहे विभिन्न प्रयासों की जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा की। साथ ही उन्होंने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में भी छात्राओं को अवगत कराया।

इस अवसर पर कुमाऊँ विश्वविद्यालय की सहायक प्राध्यापक डॉ. किरण तिवारी ने विद्यार्थियों को नशे की रोकथाम में विद्यालयों और शिक्षकों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मादक पदार्थों के दुरुपयोग से होने वाले नुकसान के साथ-साथ साथियों के दबाव (Peer Pressure), मानसिक स्वास्थ्य और नशे की ओर बढ़ने के कारणों पर भी विस्तार से चर्चा की।

डॉ. किरण तिवारी ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में छात्राओं ने नशे से होने वाले नुकसान को समझते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि विद्यालयी स्तर पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को नशे के खिलाफ मजबूत सोच विकसित करने और समाज में नशा-मुक्त वातावरण बनाने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।