भाजपा के वरिष्ठ नेता हेम आर्य ने ज़्योलीकोट क्षेत्र में चल जनित रोगों से पीड़ित लोगों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जाकर जाना हाल-चाल,
-जल संस्थान के अधिकारियों को क्षेत्र में खराब पेयजल लाइन बदलने के दिए निर्देश
तीन मौतों पर जताया दुख, मुख्यमंत्री और सांसद अजय भट्ट से मुआवजे को लेकर वार्ता का दिया आश्वासन
नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित बीमारी फैलने और बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता हेम आर्य ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर वहां भर्ती जलजनित रोग से पीड़ित मरीजों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार की जानकारी ली तथा बेहतर से बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
हेम आर्य ने कहा कि दूषित पेयजल के कारण क्षेत्र में तीन लोगों की मौत होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की और परिवारों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री से वार्ता कर ज्योलीकोट क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही नया पानी का टैंक स्थापित करने तथा बीमारी से पीड़ित लोगों के समुचित उपचार की व्यवस्था को लेकर मांग रखेंगे।
इस दौरान हेम आर्य ने क्षेत्र में दूषित पेयजल की समस्या को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन में भी शामिल होकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार और संबंधित विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
क्षेत्र में दूषित पानी की शिकायत सामने आने के बाद तत्काल प्रभाव से पेयजल व्यवस्था की जांच और खराब लाइनों को बदलने की आवश्यकता है।
हेम आर्य ने जल संस्थान के अधिकारियों से भी वार्ता कर क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को खराब और क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को तत्काल बदलने के निर्देश दिए। इस पर जल संस्थान के अधिकारी गाड़िया ने आश्वासन दिया कि अगले दिन क्षेत्र में पहुंचकर सभी पेयजल लाइनों का निरीक्षण किया जाएगा और जो लाइनें खराब पाई जाएंगी, उन्हें तत्काल बदलने की कार्रवाई की जाएगी।
हेम आर्य ने कहा कि बीमारी से प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए और स्वास्थ्य विभाग को पूरी गंभीरता के साथ उपचार एवं निगरानी की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि मुआवजे की मांग को लेकर मुख्यमंत्री और सांसद अजय भट्ट से भी वार्ता की जाएगी, ताकि मृतकों के परिजनों और प्रभावित परिवारों को सरकार से उचित सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि ज्योलीकोट में उत्पन्न स्थिति को गंभीरता से लेते हुए पेयजल स्रोत, टैंक और पाइपलाइन की जांच कर स्थायी समाधान निकाला जाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
