उत्तराखण्ड कुमाऊं ख़बरें नैनीताल हल्द्वानी

रामलीला मैदान में कांग्रेस का जोरदार मौन प्रदर्शन, शुद्धिकरण विवाद में कार्रवाई की मांग

राहुल गांधी के बयान के बाद हल्द्वानी में सियासत और गरमाई, बारिश के बीच मैदान में डटे कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता

हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर हल्द्वानी की सियासत लगातार गरमाती जा रही है।

रविवार शाम कांग्रेस ने इसी मुद्दे को लेकर रामलीला मैदान में मौन प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। बारिश के बावजूद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर डटे रहे और कथित शुद्धिकरण की घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई।

मौन प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, नारायण पाल, रंजीत रावत, पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, पूर्व सांसद महेंद्र पाल, कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव संजीव आर्य और कांग्रेस नेता ललित जोशी समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रामलीला मैदान में हुई कथित शुद्धिकरण की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए और यदि किसी व्यक्ति ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने मौन प्रदर्शन के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि वह इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है।

राहुल गांधी के बयान के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान

रामलीला मैदान विवाद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी उस समय और बढ़ गई, जब कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान हल्द्वानी की घटना का उल्लेख किया। राहुल गांधी ने कथित शुद्धिकरण की घटना को दलित सम्मान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की और मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग उठाई।

राहुल गांधी के बयान के बाद उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक सम्मान और समानता से जुड़ा विषय बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर अलग-अलग स्तर पर प्रतिक्रिया सामने आई है। दोनों दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी के चलते यह मामला अब स्थानीय राजनीतिक विवाद से आगे निकलता दिखाई दे रहा है।

मौन प्रदर्शन के जरिए कांग्रेस ने जताया विरोध

रविवार को रामलीला मैदान में आयोजित मौन प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। पार्टी नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी घटना की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

बारिश के बीच भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने प्रदर्शन को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना दिया। नेताओं ने कहा कि पार्टी इस मामले को जनभावनाओं और सामाजिक सम्मान से जुड़े विषय के रूप में देख रही है तथा जरूरत पड़ने पर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।

प्रदेश की सियासत में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा विवाद

रामलीला मैदान का शुद्धिकरण विवाद अब हल्द्वानी तक सीमित नहीं रह गया है। राहुल गांधी के बयान और कांग्रेस के मौन प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में भी चर्चा का केंद्र बन गया है। आने वाले दिनों में भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।

कांग्रेस के मौन प्रदर्शन ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी इस मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर उठाने की तैयारी में है।

वहीं, विवाद को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से सामने आने वाली प्रतिक्रियाओं पर अब लोगों की नजर बनी हुई है।