अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच की मांग को लेकर नैनीताल में प्रदर्शन
रिपोर्टर गुड़डू सिंह ठठोला
तल्लीताल डांठ पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शन, अधिवक्ता को धमकी मिलने पर जताई चिंता
नैनीताल। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर शुक्रवार शाम नैनीताल के तल्लीताल डांठ पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी को जल्द न्याय दिलाने तथा मामले की सीबीआई जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई किए जाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि मामले में पैरवी कर रहे अधिवक्ता को धमकियां मिलने की बात भी सामने आ रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मामले की जांच सीबीआई के स्तर पर हो रही है तो इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए।
जंतवाल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को न्यायालय में अपनी बात रखने और पैरवी करने के लिए अधिवक्ता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि जिन लोगों के पास अपने मामले की पैरवी के लिए अधिवक्ता उपलब्ध नहीं है, उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाते हुए पीड़िता को जल्द न्याय दिलाया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। ऐसे में मामले में न्याय की प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की असमंजस की स्थिति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जांच और न्यायिक कार्रवाई से जुड़े पहलुओं को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन में भावना भट्ट, पीके शर्मा, मोंटू, बंटू आर्या, देवकी, रेनू कोहली, सुनीता आर्या, चंपा सांवल, आशा भट्ट, मुन्नी तिवारी, सावित्री संवर, लता चौधरी, गीत मंडल, सूरज पांडे, मनोज भट्ट, सचिन नेगी, मोहित, विनीता, शीला रजवार, मनमोहन चिलवाल, हरीश पाठक, दिनेश उपाध्याय, कैलाश जोशी, हेमलता तिवारी, शेखर पाठक, भगवती खाती, संजय कुमार, अंजलि रजवार, ज्योति रावत, नरेश कुमार, भारती जोशी और प्रियंका समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

