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महिलाओं की फोटो-वीडियो वायरल करने का विरोध पड़ा भारी, यूट्यूबर पर महिलाओं से मारपीट और अभद्रता के आरोप

पथरी के पदार्था गांव का मामला, मारपीट के दौरान दो महिलाओं के बेहोश होने का दावा; घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

हरिद्वार। पथरी थाना क्षेत्र के पदार्था गांव से महिलाओं के साथ मारपीट और अभद्रता का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामले में एक यूट्यूबर महबूब अली पर महिलाओं के साथ बदसलूकी, मारपीट और आपत्तिजनक हरकतें करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि पिछले करीब 10 दिनों से महिलाओं के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किए जा रहे थे। महिलाओं ने जब इसका विरोध किया और कथित तौर पर वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर आपत्ति जताई, तो विवाद बढ़ गया।

आरोप है कि विरोध करने पर यूट्यूबर महबूब अली ने महिलाओं के साथ बदतमीजी शुरू कर दी। विवाद के दौरान महिलाओं के साथ मारपीट की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए।

आरोप यह भी है कि महिलाओं को सड़क पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा गया। मारपीट की इस घटना में दो महिलाओं के बेहोश होने की बात भी सामने आई है।

अभद्रता और ब्लैकमेलिंग के भी आरोप

मामले को लेकर महिलाओं की ओर से यूट्यूबर पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से अलग-अलग महिलाओं के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर डालने तथा उन्हें कथित तौर पर ब्लैकमेल करने का काम कर रहा था। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।

महिलाओं का आरोप है कि सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो प्रसारित किए जाने का विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। घटना के दौरान कथित तौर पर महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और आपत्तिजनक हरकतें भी की गईं।

मारपीट का वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप

घटना से जुड़ा वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाओं के साथ कथित मारपीट और हंगामे का दृश्य दिखाई देने की बात कही जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामला हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र के पदार्था गांव का बताया जा रहा है। घटना के संबंध में पुलिस स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है और वायरल वीडियो की वास्तविकता क्या है, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिलाओं के लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ किन धाराओं में कार्रवाई की जाती है।