डिजिटल सर्कुलर इकोनॉमी और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट पर किया शोध, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध उपलब्धियों के लिए भी पहचान
नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के एमबीए विभाग की शोधार्थी डॉ. रूबी सिंह ने अपनी डी.लिट. की अंतिम मौखिक परीक्षा (वाइवा) सफलतापूर्वक पूर्ण कर ली है। परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें दून विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एच.सी. पुरोहित तथा दयालबाग, आगरा की प्रोफेसर सुमिता श्रीवास्तव विशेषज्ञ के रूप में शामिल रहे।
डॉ. रूबी सिंह ने डी.लिट. के लिए “A Framework of Human Resource Management for Digital Circular Economy” विषय पर अपना शोध कार्य किया है। उनके शोध कार्य में डिजिटल सर्कुलर इकोनॉमी के संदर्भ में मानव संसाधन प्रबंधन के लिए एक प्रभावी ढांचे को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। उनके शोध कार्य के लिए विभाग के डीन प्रोफेसर अमित जोशी मेंटर रहे।
डी.लिट. की अंतिम मौखिक परीक्षा का संचालन एमबीए विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एल.के. सिंह द्वारा किया गया। परीक्षा के दौरान विशेषज्ञों ने डॉ. रूबी सिंह के शोध कार्य, उसकी उपयोगिता और समकालीन आर्थिक एवं प्रबंधन क्षेत्र में उसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की।
स्टैनफोर्ड की शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल
डॉ. रूबी सिंह की पहचान राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय अकादमिक जगत में भी एक सक्रिय शोधकर्ता के रूप में है। उन्हें 2025-26 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा जारी विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में स्थान मिला है।
उनके शोध कार्य की प्रभावशीलता का अंदाजा उनके अकादमिक प्रोफाइल से लगाया जा सकता है। स्कोपस में उनका एच-इंडेक्स 24 और करीब 1470 सिटेशन, जबकि गूगल स्कॉलर के अनुसार उनका एच-इंडेक्स 31 और करीब 2900 सिटेशन बताया गया है।
डॉ. रूबी सिंह द्वारा स्प्रिंगर नेचर, एमराल्ड, विले तथा टेलर एंड फ्रांसिस जैसे अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों के माध्यम से लगभग 40 पुस्तकों में योगदान दिया जा चुका है। इसके अलावा उनके 127 अकादमिक शोध पत्र क्यू-1 एवं क्यू-2 श्रेणी के जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय अकादमिक यात्राओं का भी अनुभव
डॉ. रूबी सिंह अकादमिक एवं शोध गतिविधियों के सिलसिले में तुर्की और वियतनाम की यात्रा भी कर चुकी हैं। उनका शोध कार्य मानव संसाधन प्रबंधन, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सर्कुलर इकोनॉमी जैसे समकालीन विषयों से जुड़ा हुआ है।
डी.लिट. की अंतिम मौखिक परीक्षा पूर्ण होने पर कूटा अध्यक्ष प्रोफेसर ललित तिवारी सहित कूटा परिवार एवं एलुमनी सेल अध्यक्ष डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. जी.सी. जोशी, ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना, डॉ. निशा और डॉ. भावना ने डॉ. रूबी सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने डॉ. रूबी सिंह की उपलब्धि को विश्वविद्यालय और एमबीए विभाग के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए उनके उज्ज्वल अकादमिक भविष्य की कामना की।

