नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) के शिष्टमंडल ने बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया।
इस दौरान शिष्टमंडल ने कुलपति को शॉल ओढ़ाकर, प्रतीक चिह्न और बिलोबा का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
मुलाकात के दौरान कूटा के प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय में शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने का आग्रह किया। शिष्टमंडल ने कहा कि जिन शिक्षकों की पदोन्नति का समय हो चुका है, उनकी पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी की जानी चाहिए, ताकि उन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार समय पर लाभ मिल सके।
कूटा ने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को 15वें वेतनमान का लाभ प्रदान करने की मांग भी उठाई। शिष्टमंडल का कहना था कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय में भी इस प्रकार का लाभ दिए जाने का उल्लेख करते हुए कुमाऊं विश्वविद्यालय में भी शिक्षकों को इसका लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही शिक्षकों के लंबित एरियर का भुगतान शीघ्र करने की मांग की गई। कूटा प्रतिनिधियों ने कहा कि शिक्षकों को उनके देय वित्तीय लाभ समय पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
शिष्टमंडल ने पदोन्नति के मामलों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्धारित नियमों का पालन करने पर जोर दिया। साथ ही पदोन्नति से संबंधित नियमों में किए गए संशोधनों को वापस लेने की मांग भी रखी। प्रतिनिधियों ने यह भी आग्रह किया कि जिन शिक्षकों ने सेवा के दौरान पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है, उन्हें नियमानुसार वेतन वृद्धि का लाभ प्रदान किया जाए।
कूटा के शिष्टमंडल ने उम्मीद जताई कि कुलपति शिक्षकों की इन मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए संबंधित मामलों के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति, वेतनमान, एरियर और पीएचडी उपाधि पर मिलने वाले लाभों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण आवश्यक है।
इस अवसर पर कूटा के शिष्टमंडल में प्रो. ललित तिवारी, डॉ. विजय कुमार, डॉ. सोहेल जावेद, डॉ. शिवांगी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

