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हल्द्वानी में कुमाऊं द्वार महोत्सव सीजन-4 का भव्य आगाज, लोक संस्कृति के रंगों में सराबोर हुआ मंच; प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

लोक संस्कृति का महाकुंभ: कुमाऊं द्वार महोत्सव में प्रीतम भरतवाण के जागरों ने मोहा मन

कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने किया उद्घाटन; 25 अक्टूबर को मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे मुख्य अतिथि

हल्द्वानी। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक संगीत और लोक कलाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित कुमाऊं द्वार महोत्सव सीजन-4 का शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा और हल्द्वानी नगर निगम के मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया। पहले दिन लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पद्मश्री सम्मानित जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के लोकगीतों और जागरों ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण पैदा किया।

महोत्सव में कुमाऊंनी लोकगीतों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत की अनूठी झलक देखने को मिली। आयोजन के माध्यम से स्थानीय और उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है।

लोक प्रस्तुतियों से हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज

महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर नई दिशाएं संस्था ने दलनायक किशन लाल के नेतृत्व में वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद संगीता सोनल ने ‘ओ भाना तेरी छुड़क्याली दाथुली’ की प्रस्तुति देकर कुमाऊं की लोक संस्कृति के रंग बिखेरे। प्रख्यात गायक अमित बाबू गोस्वामी और किरन चोपड़ा ने भी अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया।

वहीं, ‘खिड़की मां भैरोली’ फेम सोरघाटी के गायक कैलाश कुमार ने अपनी गायकी से महोत्सव में समां बांध दिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब उत्साह दिखाया और पूरा माहौल लोक संगीत की धुनों से गूंज उठा।

प्रीतम भरतवाण के जागरों ने दर्शकों को किया भावविभोर

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पद्मश्री सम्मानित जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण की प्रस्तुति रही। उन्होंने उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा माने जाने वाले लोक गायन और जागर परंपरा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

उनकी लोकप्रिय रचनाओं ‘सरुली मेरो जिया लगी रे’, ‘तेरी रौंत्याली मुखुड़ी मां’ और ‘बिंदुली’ सहित विभिन्न जागरों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। प्रीतम भरतवाण उत्तराखंड की लोक संस्कृति को देश-विदेश में पहचान दिलाने वाले प्रमुख कलाकारों में शामिल हैं। वह कई विदेशी विश्वविद्यालयों में विजिटिंग फैकल्टी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए जरूरी हैं ऐसे आयोजन: राम सिंह कैड़ा

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए इस तरह के आयोजन बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे मंच नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों को आगे बढ़ने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

आयोजन से जुड़े गोविंद दिगारी और खुशी जोशी दिगारी ने महोत्सव की परिकल्पना, उद्देश्य और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कुमाऊं द्वार महोत्सव का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड के लोक कलाकारों को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाना है। उन्होंने आयोजन को लगातार मिल रहे सहयोग के लिए सभी सहयोगियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया।

24 अक्टूबर को लोक गायन और उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिताएं

महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार, 24 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे से लोक गायन प्रतियोगिता और उत्तराखंडी व्यंजन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दिन के कार्यक्रमों में कुमाऊं की प्रसिद्ध लोक प्रस्तुति सोरघाटी की ‘हलजात्रा’ विशेष आकर्षण रहेगी।

लोक गायन के कार्यक्रम में प्रख्यात गायक पवनदीप राजन के पिता सुरेश राजन, न्योली गायिका आशा नेगी, अनिल रावत, बेबी प्रियंका, विक्की आर्या, रामदाई का होटल फेम गायक सत्येंद्र गंगोला और भगवती दनपुरिया सहित अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

इसके अलावा बाल कलाकार रितु लोहिया और नैतिक कुमार की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगी। ‘एजा वे मेरी चनुली’ और जानकी रावत की डांस परफॉर्मेंस के जरिए दर्शकों को उत्तराखंड की लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।

दूसरे दिन के कार्यक्रम में कपकोट के विधायक सुरेश गढ़िया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

25 अक्टूबर को मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति, मुख्यमंत्री धामी होंगे मुख्य अतिथि

कुमाऊं द्वार महोत्सव के तीसरे दिन 25 अक्टूबर को लोकप्रिय लोक एवं पार्श्व गायिका मैथिली ठाकुर के शामिल होने का कार्यक्रम है। आयोजकों के अनुसार, इस दिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि होंगे। मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति को लेकर दर्शकों में खास उत्साह रहने की उम्मीद है।

कलाकारों को मंच देना है महोत्सव का उद्देश्य

महोत्सव के आयोजक गोविंद दिगारी और खुशी जोशी दिगारी ने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देने के साथ उत्तराखंड की लोक संस्कृति, संगीत, पारंपरिक व्यंजनों और लोक कलाओं को नई पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोगों का सहयोग और प्रोत्साहन उन्हें निरंतर बेहतर आयोजन करने के लिए प्रेरित करता है।

महोत्सव के पहले दिन स्वर्णिका ज्वेलर्स मुख्य प्रायोजक रहे। अन्य सहयोगियों की उपस्थिति और सहभागिता ने भी कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

कुल मिलाकर, कुमाऊं द्वार महोत्सव सीजन-4 का पहला दिन लोक संस्कृति, संगीत और पारंपरिक कलाओं के नाम रहा। आगामी दिनों में होने वाली प्रतियोगिताओं और विशेष प्रस्तुतियों के साथ यह महोत्सव हल्द्वानी में सांस्कृतिक उत्सव का प्रमुख आकर्षण बनने जा रहा है।

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