नैनीताल। नैनीताल के शेर का डांडा क्षेत्र में नव संस्कृति सत्यम समिति की ओर से आयोजित रामलीला में भगवान श्रीराम की लीलाओं का भव्य मंचन किया जा रहा है।
रामलीला के सातवें दिन शबरी प्रेम से लेकर लंका दहन तक के प्रसंगों का शानदार मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
रामलीला मंचन के दौरान कलाकारों ने भगवान श्रीराम और माता शबरी के प्रेम, भक्ति और समर्पण के प्रसंग को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। इसके बाद हनुमान जी के लंका पहुंचने, माता सीता की खोज, रावण की लंका में प्रवेश और लंका दहन के दृश्य का मंचन किया गया। कलाकारों के अभिनय और संवादों ने दर्शकों को रामायण के प्रसंगों से जोड़ने का प्रयास किया।
एक महीने पहले से शुरू होती है पात्रों की तालीम
नव संस्कृति सत्यम समिति की ओर से रामलीला को बेहतर और प्रभावशाली बनाने के लिए विशेष तैयारियां की जाती हैं। समिति के कलाकार मंचन से करीब एक महीने पहले ही पात्रों की तालीम और अभ्यास शुरू कर देते हैं। इस दौरान कलाकार अपने संवादों, अभिनय और मंच पर प्रस्तुति को बेहतर बनाने के लिए नियमित रूप से अभ्यास करते हैं।
समिति का उद्देश्य रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, भक्ति, प्रेम, सत्य और धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। स्थानीय लोगों की भागीदारी से यह आयोजन क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए हुए है।
रामलीला के सातवें दिन हुए शबरी प्रेम और लंका दहन के मंचन ने दर्शकों का मन मोह लिया।
आने वाले दिनों में भी रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के मंचन को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्साह बना हुआ है।

