नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के लिए गौरव की बात है कि विश्वविद्यालय के तीन प्राध्यापकों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शोध प्रकाशन योजना-2026 के अंतर्गत वित्तीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
उत्तराखंड के उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत कुल 90 प्राध्यापकों को इस योजना के तहत पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है, जिनमें कुमाऊं विश्वविद्यालय के तीन प्राध्यापक शामिल हैं। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं शोध कार्यों को नई पहचान मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संयुक्त सचिव के पत्र के साथ हरीश कुमार सागर द्वारा पुरस्कार के लिए चयनित प्राध्यापकों की सूची जारी की गई है। इसमें कुमाऊं विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी और रसायन विज्ञान विभाग से जुड़े तीन वरिष्ठ महिला एवं पुरुष प्राध्यापकों को स्थान मिला है।
इन तीन प्राध्यापकों को मिला पुरस्कार
मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शोध प्रकाशन योजना-2026 के अंतर्गत सम्मानित होने वाले प्राध्यापकों में वनस्पति विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष एवं डीन एजुकेशन प्रो. ललित तिवारी, बायोटेक्नोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. वीणा पांडे तथा रसायन विज्ञान विभाग की प्रोफेसर एवं निदेशक, प्लेसमेंट सेल प्रो. गीता तिवारी शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री उत्कृष्ट शोध प्रकाशन योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष दिए जाने वाले इस पुरस्कार को तीनों प्राध्यापक पूर्व में भी प्राप्त कर चुके हैं। दोबारा इस उपलब्धि को हासिल करना उनके निरंतर शोध प्रयासों और अकादमिक योगदान को दर्शाता है। इस प्रकार के पुरस्कारों से शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शोध कार्य करने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शोध प्रकाशनों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
कूटा और एलुमनी सेल ने दी बधाई
कुमाऊं विश्वविद्यालय के तीन प्राध्यापकों को इस उपलब्धि पर कूटा (कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ) एवं एलुमनी सेल से जुड़े पदाधिकारियों ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। बधाई देने वालों में एलुमनी सेल अध्यक्ष डॉ. बी.एस. कालाकोटी, डॉ. एस.एस. सामंत, डॉ. जी.सी. जोशी, ज्योति कांडपाल, डॉ. मीना पांडे और डॉ. भुवन आर्य शामिल हैं।
उन्होंने तीनों प्राध्यापकों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा जगत के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। साथ ही आशा जताई कि उनके शोध कार्य भविष्य में भी विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षा जगत को प्रेरित करते रहेंगे।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के तीन प्राध्यापकों का प्रदेश स्तर पर चयन विश्वविद्यालय में हो रहे शोध एवं अकादमिक कार्यों की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
इससे विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को मजबूती मिलने के साथ ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

