स्मैक, चरस और अवैध शराब के कारोबार पर कार्रवाई की मांग, कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
हल्द्वानी। राजपुरा क्षेत्र में कथित रूप से बढ़ते अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों का आक्रोश सड़क पर उतर आया।
करीब 200 लोगों ने राजपुरा पुलिस चौकी का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए क्षेत्र में कथित रूप से चल रहे नशे के कारोबार पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राजपुरा क्षेत्र में लंबे समय से स्मैक, चरस और अवैध शराब की बिक्री का कारोबार बढ़ रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति से कई परिवार आर्थिक और सामाजिक परेशानियों से जूझ रहे हैं तथा युवाओं के भविष्य पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने पुलिस चौकी का घेराव किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी क्षेत्र में नशे के कथित ठिकानों तक भी पहुंचे और वहां विरोध जताते हुए प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल छिटपुट कार्रवाई से नशे के कारोबार पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता, बल्कि इसके लिए लगातार अभियान चलाकर तस्करों और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है।
कांग्रेस जिला महामंत्री मलय बिष्ट और पार्षद प्रीति आर्या ने कहा कि नशे की समस्या के कारण क्षेत्र के कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त एवं निरंतर कार्रवाई करने की मांग की।
वहीं कांग्रेस नेता हेमंत साहू और पार्षद धर्मवीर ने आरोप लगाया कि राजपुरा में स्मैक, चरस और अवैध शराब का कारोबार तेजी से फैल रहा है। उनका कहना था कि पुलिस की कथित निष्क्रियता के कारण नशा कारोबारियों के हौसले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रदर्शन में शामिल पूर्व सहायक नगर आयुक्त विजेंद्र चौहान और पूर्व रामलीला कमेटी अध्यक्ष त्रिलोक बनौली ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो क्षेत्रवासियों को साथ लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर अवैध नशे के कारोबार के आरोप सामने आ रहे हैं तो इसकी गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने राजपुरा क्षेत्र में नशे के कथित अवैध ठिकानों को चिन्हित कर छापेमारी करने, नशा कारोबारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने और नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने की मांग की। इसके साथ ही युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए विशेष जागरूकता और रोकथाम अभियान चलाने की भी मांग उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पुलिस, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को मिलकर व्यापक अभियान चलाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
पुलिस चौकी के घेराव और प्रदर्शन में त्रिलोक बनौली, पंडित हरिप्रसाद, अरविंद वाल्मीकि, मधु कश्यप, माया कश्यप, भविष्य रावत, अशोक पांडे, दीपक आर्या, प्रकाश आर्या समेत करीब 200 लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में नशे के कथित कारोबार पर रोक लगाना उनकी प्राथमिक मांग है और इसके लिए प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया जाएगा।
