हल्द्वानी। वन पंचायत सरपंचों को सम्मानजनक मानदेय दिए जाने की मांग को लेकर शनिवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया।
कुमाऊं भर से पहुंचे वन पंचायत सरपंचों ने सरकार के समक्ष अपनी मांगों को मजबूती से रखते हुए कहा कि वे वर्षों से जंगलों के संरक्षण, संवर्धन और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनके श्रम और जिम्मेदारी के अनुरूप मानदेय नहीं मिल रहा है।
धरना-प्रदर्शन में राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू भी शामिल हुए और वन पंचायत सरपंचों की मांगों को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि वन पंचायत सरपंच ग्रामीण क्षेत्रों में वन संपदा की रक्षा करने के साथ-साथ जंगलों को आग, अवैध कटान और अन्य नुकसान से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सरकार को उनकी जायज मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें सम्मानजनक मानदेय उपलब्ध कराना चाहिए।
धरना-प्रदर्शन के बाद वन पंचायत सरपंचों ने बुद्ध पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक शांतिपूर्ण रैली निकाली। रैली के दौरान सरपंचों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
इसके बाद वन पंचायत सरपंचों ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को भी ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वन पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरपंचों को उचित मानदेय, आवश्यक संसाधन और सम्मान दिया जाना जरूरी है।
वन पंचायत सरपंचों का कहना है कि वे लंबे समय से सीमित संसाधनों के बावजूद जंगलों की सुरक्षा और संरक्षण का दायित्व निभा रहे हैं। जंगलों की सुरक्षा में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन मानदेय के अभाव में उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि वन पंचायत सरपंचों की जिम्मेदारियों और उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों को देखते हुए शीघ्र ही सम्मानजनक मानदेय निर्धारित किया जाए, ताकि वे और अधिक प्रभावी ढंग से वन संरक्षण का कार्य कर सकें।
वन पंचायत सरपंचों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।
