वर्षवार भर्ती की मांग पर उग्र हुआ नर्सिंग आंदोलन, स्वास्थ्य मंत्री आवास के बाहर चार महिला अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर फिनायल पिया; एक की हालत गंभीर
देहरादून। उत्तराखंड में वर्षवार नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे नर्सिंग अभ्यर्थियों का प्रदर्शन मंगलवार को उस समय अचानक उग्र हो गया, जब स्वास्थ्य मंत्री के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान चार महिला अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर फिनायल पी लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रदर्शनकारियों में हड़कंप फैल गया।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। चारों महिलाओं को बिना देर किए सरकारी वाहनों से कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चारों महिलाओं में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है।
कई महीनों से जारी है आंदोलन
वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग अभ्यर्थी पिछले कई महीनों से लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि नियमित रूप से वर्षवार भर्ती नहीं होने के कारण हजारों प्रशिक्षित नर्सिंग युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है। इसी मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी स्वास्थ्य मंत्री के आवास के बाहर एकत्र हुए थे।
प्रदर्शन के दौरान मांगों पर कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिलने से नाराज कुछ महिला अभ्यर्थियों ने कथित रूप से फिनायल पी लिया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए चारों महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल और प्रदर्शन स्थल पर बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद कोरोनेशन अस्पताल और स्वास्थ्य मंत्री के आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने में लगी है, वहीं प्रशासन भी मामले पर नजर बनाए हुए है।
नर्सिंग एकता मंच ने दी जानकारी
नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने फोन पर बातचीत में बताया कि आत्महत्या का प्रयास करने वाली चारों महिलाओं की पहचान की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार एक महिला की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अस्पताल पहुंच रहे हैं और सभी महिलाओं की स्थिति की जानकारी ली जा रही है।
इस घटना के बाद नर्सिंग भर्ती को लेकर चल रहा आंदोलन एक बार फिर चर्चा में आ गया है। प्रदर्शनकारी सरकार से वर्षवार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।
