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NEET पेपर लीक पर सियासत गरम: पीएम आवास के बाहर कांग्रेस का धरना, खड़गे-राहुल ने सरकार पर बोला हमला, अमित शाह संग हाई-लेवल बैठक

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छात्रों के भविष्य के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन तेज, विपक्ष ने की जवाबदेही तय करने की मांग, सरकार ने शुरू की रणनीतिक बैठक।

नई दिल्ली। NEET पेपर लीक का मुद्दा अब केवल परीक्षा में अनियमितता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस और विरोध का रूप ले लिया है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में पार्टी सांसदों और नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया और परीक्षा में कथित धांधली को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अपने हाथों में सांकेतिक हथकड़ियां पहन रखी थीं। उनका कहना था कि देश के लाखों छात्रों का भविष्य भ्रष्टाचार और परीक्षा प्रणाली में कथित गड़बड़ियों की “बेड़ियों” में जकड़ दिया गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है।

इस प्रदर्शन की विशेष बात यह रही कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने जन्मदिन पर किसी समारोह के बजाय धरने में शामिल होकर छात्रों के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों पर पुलिस बल प्रयोग और लाठीचार्ज लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रदर्शन के दौरान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों पर किया गया हमला केवल छात्रों पर नहीं, बल्कि उन लाखों परिवारों पर हमला है जो अपने बच्चों की शिक्षा के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से भी देशवासियों से छात्रों के समर्थन में आगे आने की अपील की।

कांग्रेस के प्रदर्शन और राहुल गांधी के बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बढ़ते घटनाक्रम को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उच्च स्तरीय बैठक शुरू की। बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन भी मौजूद हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक में विपक्ष के विरोध, छात्रों के असंतोष और मौजूदा स्थिति से निपटने की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।

फिलहाल सरकार की ओर से बैठक को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

वहीं विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और पूरे मामले में पारदर्शी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।