नैनीताल में बलिया नाला मोटर मार्को को लेकर किसने पूर्व के क्षेत्र वासियों ने प्रशासन के खिलाफ कैंडल मार्च निकाला
रिपोर्टर गुड़डू सिंह ठठोला
नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में कृष्णापुर मोटर मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
सड़क की मांग को लेकर पिछले कई दिनों से तल्लीताल स्थित गांधी चौक पर धरने पर बैठे कृष्णापुर सहित आसपास के क्षेत्रों के सैकड़ों लोगों ने शाम को कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
हाथों में जलती मोमबत्तियां लेकर सड़क पर उतरे लोगों ने शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रइस होटल के समीप सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से को जोड़ने की मांग उठाई।
कैंडल मार्च के दौरान शांत सरोवर नगरी में “रोड नहीं तो वोट नहीं”, “₹300 करोड़ का हिसाब दो, हिसाब दो”, “झूठे आश्वासन देना छोड़ दो, रोड दो नहीं तो गद्दी छोड़ दो” और “रोड दो, रोड दो, कृष्णापुर को रोड दो” जैसे नारों की गूंज सुनाई दी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क की समस्या के कारण क्षेत्र के लोगों को लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी मांग पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कृष्णापुर, दुर्गापुर, हरिनगर, रइस होटल कंपाउंड, वीरभट्टी और ज्योलीकोट समेत आसपास के गांवों के लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रइस होटल के समीप सड़क के लगभग 100 मीटर लंबे क्षतिग्रस्त हिस्से को जोड़कर मोटर मार्ग को सुचारू करना है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग उनके आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है और सड़क की बदहाली से दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
कैंडल मार्च में नगर पालिका सदस्य सुरेंद्र कुमार, पूर्व सभासद कैलाश अधिकारी और पूर्व सभासद डी.एन. भट्ट की प्रमुख भूमिका रही। इनके साथ दीपेश भट्ट, राहत, यशस्वी जोशी, प्रदीप परगई, विनोद, चंदन, नवीन बिष्ट, घनश्याम पोखरिया, संतोष जोशी, जीवन जोशी, अमन, धीरज भट्ट, किशन बोरा, समीर खान, नीलम रावत, हीरा सिंह और हरीश भट्ट समेत अनेक क्षेत्रवासियों ने भागीदारी की।
कैंडल मार्च के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने एकजुटता का संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि कृष्णापुर मोटर मार्ग की समस्या का समाधान उनकी प्राथमिक मांग है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं और क्षेत्रवासियों को सड़क की सुविधा मिल पाती है या नहीं।
क्षेत्रवासियों का संदेश साफ है—सड़क की समस्या का समाधान अब केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से होना चाहिए।
कैंडल मार्च में नगर पालिका सदस्य सुरेंद्र कुमार, पूर्व सभासद कैलाश अधिकारी और पूर्व सभासद डी.एन. भट्ट की प्रमुख भूमिका रही। इनके साथ दीपेश भट्ट, राहत, यशस्वी जोशी, प्रदीप परगई, विनोद, चंदन, नवीन बिष्ट, घनश्याम पोखरिया, संतोष जोशी, जीवन जोशी, अमन, धीरज भट्ट, किशन बोरा, समीर खान, नीलम रावत, हीरा सिंह और हरीश भट्ट समेत अनेक क्षेत्रवासियों ने भागीदारी की।
कैंडल मार्च के माध्यम से क्षेत्रवासियों ने एकजुटता का संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि कृष्णापुर मोटर मार्ग की समस्या का समाधान उनकी प्राथमिक मांग है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मांग पर कब तक ठोस कदम उठाते हैं और क्षेत्रवासियों को सड़क की सुविधा मिल पाती है या नहीं।
क्षेत्रवासियों का संदेश साफ है—सड़क की समस्या का समाधान अब केवल आश्वासनों से नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई से होना चाहिए।

