भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन और चट्टानें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।
इससे राज्यभर में 107 सड़क मार्गों पर यातायात बाधित हो गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित करते हुए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए देहरादून सहित चार जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालात की गंभीरता को देखते हुए देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित करते हुए लोगों को अत्यधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए देहरादून सहित चार जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई है। विभाग का कहना है कि बारिश का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है और अगले 48 घंटों तक अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।
