उत्तराखण्ड कुमाऊं ख़बरें नैनीताल

नैनीताल में बारिश के बाद तेज हवाओं का कहर, घर की छत पर गिरा विशाल देवदार का पेड़

नैनीताल में लगातार 2 दिन से बारिश ने लोगों को चिंता में डाल दिया तो वही शाम के समय तेज हवाओं के साथ एक देवदार का पेड़  घर की छत में  गिरा

रिपोर्टर गुड्डू सिंह ठठोला

नैनीताल। सरोवर नगरी नैनीताल में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है। बारिश के बीच रविवार शाम तेज हवाओं के कारण मल्लीताल क्षेत्र में एक विशाल देवदार का पेड़ अचानक एक भवन की छत पर जा गिरा। पेड़ के गिरने से भवन की छत को काफी नुकसान पहुंचा, हालांकि गनीमत रही कि हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 6:30 बजे मल्लीताल निवासी गौरव सनवाल के भवन की छत पर देवदार का विशाल पेड़ गिर गया। पेड़ का एक हिस्सा छत को फाड़ते हुए भवन के अंदर तक जा पहुंचा, जिससे भवन को नुकसान हुआ। पेड़ का कुछ हिस्सा सड़क पर भी गिर गया, जिसके कारण मार्ग पर आवाजाही प्रभावित हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, वन विभाग और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। विशाल पेड़ होने के कारण इसे हटाने में टीमों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पहुंचे मल्लीताल कोतवाल राजेंद्र सिंह रावत ने पुलिस टीम के साथ स्थिति को संभाला और राहत कार्य में सहयोग किया।

वन विभाग की वन दरोगा विमला नगरकोटी ने बताया कि पेड़ काफी विशाल था। फिलहाल छत और सड़क पर गिरे पेड़ के हिस्से को काटकर हटाया गया है, ताकि स्थानीय लोगों की आवाजाही सुचारू हो सके। उन्होंने बताया कि पेड़ का शेष हिस्सा भी सोमवार को काटकर सुरक्षित रूप से हटाया जाएगा।

पेड़ गिरने के दौरान उसकी मोटी टहनियां भवन की छत को चीरते हुए अंदर तक पहुंच गईं, जिससे छत और भवन के अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि घटना के समय आसपास लोगों की मौजूदगी कम होने के कारण बड़ा हादसा टल गया।

राहत कार्य के दौरान दमकल विभाग के चालक मंगत मनी, फायरमैन मोहन सिंह, किशोर फर्त्याल और कासिम अली मौजूद रहे। वहीं एसडीआरएफ टीम में एसआई मनीष भाकुनी, महेंद्र भंडारी, सुरेंद्र कुमार, नितेश खेतवाल, रोहित और लखन सहित अन्य जवानों ने मौके पर राहत कार्य में सहयोग किया। वन विभाग की ओर से वन दरोगा विमला नगरकोटी समेत अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

लगातार बारिश के बीच पेड़ गिरने की घटना ने एक बार फिर नैनीताल में मानसून के दौरान पुराने और विशाल पेड़ों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती को सामने ला दिया है।

फिलहाल टीमों ने मार्ग को आवाजाही के लिए खोल दिया है और शेष पेड़ को हटाने का कार्य किया जाना है।

Advertisement