नैनीताल/ज्योलिकोट। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर ज्योलीकोट स्थित नर्सरी गेट के पास अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे। इसी दौरान नैनीताल की ओर जा रही हरियाणा के पर्यटकों की कार भी बोल्डरों की चपेट में आ गई। अचानक हुए भूस्खलन से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अचानक गिरे बोल्डर, कार को पहुंचा भारी नुकसान
जानकारी के मुताबिक, हरियाणा से पर्यटक नैनीताल घूमने के लिए कार से जा रहे थे। ज्योलीकोट नर्सरी गेट के समीप पहुंचते ही अचानक पहाड़ी से मलबा और बड़े पत्थर नीचे गिरने लगे। पर्यटक कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनकी कार मलबे और बोल्डरों की चपेट में आ गई।
घटना के बाद कार सवार पर्यटकों में दहशत फैल गई। सभी लोग तत्काल वाहन से बाहर निकले और सुरक्षित स्थान की ओर चले गए। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि हादसे में किसी पर्यटक को चोट नहीं आई। हालांकि, भारी बोल्डर गिरने से कार को काफी नुकसान पहुंचा है।
मलबा आने से सड़क पर लगा जाम
भूस्खलन के बाद सड़क पर बड़ी मात्रा में मलबा और पत्थर जमा हो गए, जिसके चलते नैनीताल-काठगोदाम मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मार्ग बाधित होने की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग सक्रिय हुआ और सड़क से मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन मौके पर भेजी गई। इसके बाद मलबा हटाने का काम शुरू किया गया, ताकि यातायात को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके।
एनएच विभाग ने जारी की सतर्क रहने की अपील
एनएच के अधिशासी अभियंता महेंद्र कुमार ने बताया कि बारिश के दौरान भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। ज्योलीकोट नर्सरी गेट के पास भूस्खलन की सूचना मिलते ही जेसीबी को मौके पर भेजकर सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया गया।
उन्होंने वाहन चालकों और पर्यटकों से अपील की कि बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन रोककर खड़े न हों और पहाड़ी से पत्थर गिरने की आशंका वाले स्थानों पर विशेष सावधानी बरतें।
बारिश में लगातार बढ़ रहा भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश के चलते नैनीताल-काठगोदाम मार्ग सहित पहाड़ी क्षेत्रों के कई संवेदनशील स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में प्रशासन और विभागीय अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने तथा सड़क पर किसी भी प्रकार की बाधा या चेतावनी को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है।
बारिश के दौरान पहाड़ों में हालात अचानक बदल सकते हैं। ऐसे में सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्कता बरतना और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
