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चम्पावत-नैनीताल में गरजे हरीश पनेरू, बोले—“अधर्म का साथ छोड़ो, सत्य और न्याय के साथ खड़े हो”

जन्माष्टमी के मंच से भाजपा सरकार पर साधा निशाना, युवाओं को नशे से दूर रहने और रोजगार के लिए संघर्ष का किया आह्वान

चम्पावत/नैनीताल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर चम्पावत और नैनीताल में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री एवं प्रमुख राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके आदर्शों का स्मरण करते हुए धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकारों और जनहित के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया।

जन्माष्टमी कार्यक्रमों में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए हरीश पनेरू ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने सदैव सत्य, न्याय और धर्म का साथ देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब समाज में अन्याय, अत्याचार और अधर्म बढ़ने लगे तो चुप रहना उचित नहीं है, बल्कि उसके खिलाफ आवाज उठाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा, “अधर्म का साथ छोड़िए और सत्य एवं न्याय के साथ खड़े होइए।” पनेरू ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने और कमजोर एवं पीड़ित व्यक्ति के साथ खड़े होने की प्रेरणा देता है।

भाजपा सरकार पर बोला हमला

हरीश पनेरू ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की आम जनता महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन सरकार के जिम्मेदार लोग जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों को जनता की परेशानियों को समझना चाहिए और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। पनेरू ने आरोप लगाया कि सरकार का रवैया जनभावनाओं के अनुरूप नहीं है और जनता लगातार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।

उन्होंने राजनीतिक कटाक्ष करते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोग कौरवों की तरह शासन कर रहे हैं, जबकि आम जनता अपने अधिकारों और न्याय के लिए संघर्ष करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च होती है और किसी भी सरकार को जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

जन्माष्टमी के मंच से नशे के खिलाफ उठाई आवाज

हरीश पनेरू ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशा उत्तराखंड के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि परिवार, अभिभावक और समाज के प्रत्येक जागरूक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।

उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा, “हमारे युवाओं के हाथ में नशे की बोतल नहीं, रोजगार और भविष्य की उम्मीद होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करने होंगे, ताकि उनकी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल हो सके। उन्होंने नशे के खिलाफ सामाजिक स्तर पर व्यापक अभियान चलाने की जरूरत बताते हुए कहा कि नशामुक्त उत्तराखंड ही मजबूत उत्तराखंड की पहचान बनेगा।

जनता से आत्मीय संवाद, जनहित की लड़ाई जारी रखने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान हरीश पनेरू ने बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने कहा कि जनता का प्यार, विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलन की भावना केवल राज्य निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के आम लोगों के अधिकार, सम्मान, रोजगार और बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष करना भी उसी भावना का हिस्सा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी आवाज आगे भी मजबूती से उठती रहेगी।

जन्माष्टमी के धार्मिक माहौल के बीच पनेरू के राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर दिए गए संबोधन ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को वर्तमान परिस्थितियों से जोड़ते हुए सत्य, न्याय और सामाजिक जिम्मेदारी के रास्ते पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।