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SIR को लेकर कांग्रेस का हमला, सुमित हृदयेश और ललित जोशी बोले—‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ जन आंदोलन चलाएंगे

मतदाता सूची के SIR पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, हल्द्वानी में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन का ऐलान

SIR को लेकर सुमित हृदयेश और ललित जोशी ने घेरा चुनाव आयोग, जन आंदोलन की चेतावनी

हल्द्वानी। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग और पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। बुधवार को हल्द्वानी में कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश और कांग्रेस नेता ललित जोशी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर SIR की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। दोनों नेताओं ने कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से किसी भी स्थिति में नहीं छूटने चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी SIR के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत जन आंदोलन चलाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर आम मतदाताओं के बीच कई सवाल और आशंकाएं हैं। कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक का महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार है, इसलिए मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए।

प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग को निष्पक्ष संवैधानिक संस्था के रूप में काम करना चाहिए, लेकिन कांग्रेस नेताओं के अनुसार उसकी कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष में गंभीर चिंताएं हैं। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेताओं की ओर से लगाए गए हैं और चुनाव आयोग की ओर से SIR को लेकर आधिकारिक प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित विवरण उपलब्ध कराए गए हैं। उत्तराखंड में SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर को जारी हुई, जिसमें 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। 

ललित जोशी ने नगर निगम चुनाव की मतगणना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम चुनाव की मतगणना के दौरान गड़बड़ी हुई और उनका दावा है कि उन्हें जीता हुआ चुनाव हरा दिया गया। जोशी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वे भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। ये आरोप भी कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं।

विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के संशोधन के दौरान पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से छूटता है तो उसके लोकतांत्रिक अधिकार पर सीधा असर पड़ सकता है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ संवाद बढ़ाया जाएगा तथा मतदाता सूची का सत्यापन कराने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान केवल राजनीतिक विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मतदाता अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर जनता के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। देश के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस की ओर से इसी नाम से अभियान और मार्च आयोजित किए जा रहे हैं। 

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह SIR और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर आगे भी आवाज उठाएगी और पात्र मतदाताओं के नाम सूची में सुनिश्चित कराने के लिए जन आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।

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