डिग्री कॉलेज रामनगर के प्रधानाचार्य को जान से मारने की धमकी देने और लोक सेवक के कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत, 03 हिरासत में
रामनगर। डिग्री कॉलेज रामनगर में 08 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित ‘सेवा संकल्प अभियान’ से पहले सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में कॉलेज के प्रधानाचार्य को आग लगाने की धमकी दिए जाने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है।
पुलिस ने मामले में तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर उन्हें हिरासत में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
शासन के निर्देशानुसार 08 अक्टूबर को डिग्री कॉलेज रामनगर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम में जिलाधिकारी नैनीताल सहित विभिन्न विभागों के लोक सेवकों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों के शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। अभियान का उद्देश्य आम जनता की समस्याओं और शिकायतों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण करना था।
सोशल मीडिया पर सामने आया आपत्तिजनक वीडियो
कार्यक्रम से पूर्व सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। पुलिस के अनुसार वीडियो में तीन युवक पूर्व छात्रसंघ चुनाव से संबंधित विषय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत करते दिखाई दिए। बातचीत के दौरान कथित रूप से युवकों द्वारा अगले दिन सुबह 10:30 बजे एकत्र होकर ज्ञापन देने और कार्रवाई नहीं होने पर कॉलेज के प्रधानाचार्य पर तेल डालकर आग लगाने की धमकी दी गई।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस के मुताबिक इस प्रकार की धमकी से लोक सेवक के पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में भय एवं बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया गया।
BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
मामले में प्रभारी निरीक्षक रामनगर सुशील कुमार द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए कोतवाली रामनगर में एफआईआर संख्या 319/2026 दर्ज की गई। मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 224 एवं 351(1) के अंतर्गत पंजीकृत किया गया है।
पुलिस ने मामले में नामजद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की है।
गिरफ्तार आरोपी—
मो. अनस पुत्र जुल्फकार सिद्दीकी, निवासी शक्तिनगर पुछरी, रामनगर, उम्र 21 वर्ष।
कल्पित बिष्ट पुत्र त्रिलोक सिंह बिष्ट, निवासी किशनपुर छोई, रामनगर, उम्र 26 वर्ष।
सानिब सिद्दीकी पुत्र अजीम, निवासी टांडा, रामनगर, उम्र 24 वर्ष।
कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्ती
पुलिस ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से कानून-व्यवस्था प्रभावित करने, लोक सेवकों को धमकी देने अथवा उनके सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित होने वाली ऐसी आपत्तिजनक एवं धमकीपूर्ण सामग्री पर भी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि लोक सेवकों को धमकी देकर सरकारी कार्यों को प्रभावित करने या भय का माहौल बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

