खड़गे की रैली के बाद ‘शुद्धिकरण’ पर घमासान: कांग्रेस का हल्द्वानी SSP दफ्तर पर प्रदर्शन,आरोपियों पर केस न होने पर गुरुवार तक का अल्टीमेटम
एफआईआर दर्ज न होने पर एसएसपी कार्यालय घेरा, विधायक बोले—गुरुवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे नैनीताल जिले में होगा अनिश्चितकालीन धरना
हल्द्वानी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रामलीला मैदान में आयोजित रैली के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है।
कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
निर्धारित समय तक मुकदमा दर्ज नहीं होने पर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंचे और जोरदार प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने रामलीला मैदान में गंगाजल छिड़ककर पूजा-पाठ और कथित शुद्धिकरण करने वालों के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस को तहरीर दिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।
11 बजे तक एफआईआर नहीं हुई तो एसएसपी कार्यालय पहुंचे कांग्रेसी
सोमवार को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अल्टीमेटम दिया था। तय समय तक मुकदमा दर्ज नहीं होने पर कांग्रेस कार्यकर्ता एसएसपी कार्यालय पहुंच गए। यहां कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।
विधायक सुमित हृदयेश ने पुलिस अधिकारियों से वार्ता की। बातचीत के बाद कांग्रेस ने पुलिस को अब गुरुवार तक का समय दिया है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक आरोपियों और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया तो कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे नैनीताल जिले से हल्द्वानी पहुंचकर एसएसपी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
राहुल गांधी पर मुकदमे के बाद और गरमाया मामला
शुद्धिकरण विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद कांग्रेस का आक्रोश और बढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि विपक्ष के नेता के खिलाफ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ शिकायत दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस ने इसे दोहरे मापदंड का उदाहरण बताते हुए पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक दोनों मामलों में समान रूप से कानून के तहत कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
8 अगस्त की रैली के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की विशाल जनसभा आयोजित हुई थी। रैली समाप्त होने के बाद कुछ लोगों द्वारा मैदान में गंगाजल का छिड़काव कर पूजा-पाठ किया गया। इसे कथित तौर पर मैदान का ‘शुद्धिकरण’ बताया गया।
इस घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि दलित समाज से आने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धिकरण करना उनका और दलित समाज का अपमान है। कांग्रेस ने इसे भाजपा की कथित जातिवादी मानसिकता से जोड़ते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मामला अब पुलिस कार्रवाई और एफआईआर की मांग से आगे बढ़कर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है।
गुरुवार को तय होगा आंदोलन का अगला रुख
कांग्रेस ने फिलहाल पुलिस को गुरुवार तक का समय दिया है। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि कांग्रेस की मांग के अनुसार मुकदमा दर्ज नहीं होता है तो विधायक सुमित हृदयेश ने जिलेभर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एसएसपी कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी है।
ऐसे में गुरुवार तक पुलिस की कार्रवाई इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है। वहीं, राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए हल्द्वानी में यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ने की संभावना है।
