नैनीताल। उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं की पहचान श्री नंदा देवी महोत्सव के 124वें आयोजन को भव्य और व्यवस्थित रूप देने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
महोत्सव के आयोजन के संदर्भ में सोमवार को श्री राम सेवक सभा भवन में उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक की अध्यक्षता में संबंधित विभागों के अधिकारियों एवं आयोजन समिति के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मनोज साह ने की, जबकि संचालन प्रो. ललित तिवारी ने किया।
बैठक की शुरुआत में पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं अधिकारियों का स्वागत किया। महासचिव जगदीश बावरी ने महोत्सव की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए आयोजन से जुड़ी तैयारियों और कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस दौरान महोत्सव को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
उप जिलाधिकारी नवाजिश खालिक ने बताया कि इस वर्ष 124वें श्री नंदा देवी महोत्सव की थीम ‘संस्कार, संस्कृति एवं समृद्ध विरासत’ रखी गई है। उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और विरासत की झलक देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी। महोत्सव में संस्कृति की बयार देखने को मिलेगी और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदेश की लोक परंपराओं को जीवंत किया जाएगा।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को महोत्सव से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही सादी वर्दी में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की जाएगी, ताकि भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर प्रभावी नजर रखी जा सके।
बैठक में महोत्सव स्थल पर दुकानों की व्यवस्थित व्यवस्था, मैदान को समतल करने, साफ-सफाई, यातायात एवं सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही महोत्सव के दौरान हिल जात्रा की प्रस्तुति को भी शामिल किए जाने पर चर्चा हुई, ताकि कुमाऊं की लोक संस्कृति और पारंपरिक विरासत को व्यापक मंच मिल सके।
महोत्सव के कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण किए जाने की व्यवस्था पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिससे देश-विदेश में रहने वाले लोग भी नंदा देवी महोत्सव के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से जुड़ सकें।
बैठक में महिलाओं से विशेष अपील की गई कि वे महोत्सव के दौरान कुमाऊंनी पारंपरिक परिधान पहनकर शामिल हों और अपनी संस्कृति की खूबसूरती को प्रदर्शित करें। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से महिलाओं से सोने के आभूषणों का कम से कम इस्तेमाल करने की अपील की गई।
महोत्सव 16 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर प्रशासन और श्री राम सेवक सभा की ओर से सभी तैयारियों को समय पर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक को ईओ रोहितास शर्मा तथा सीओ अंजना नेगी ने भी संबोधित किया। इस दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करने, जिम्मेदारियों का समयबद्ध निर्वहन करने और महोत्सव के दौरान त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
बैठक में उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं पारंपरिक विरासत के संरक्षण में युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। कहा गया कि युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं से जोड़ने के लिए महोत्सव महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकता है।
बैठक में रंजीत नेगी, कीर्ति आर्य, गिरिजा जोशी, एसएम गुरुरानी, दिनेश जोशी, पंकज कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, दीपक शर्मा, भास्कर जोशी, देवेंद्र सिंह नेगी, आरएस रावत, एएस रावत, देवेंद्र लाल साह, अंशुल ओझा, प्रियंक पांडे, अशोक साह, विमल चौधरी, ललित साह, राजेंद्र लाल साह, कमलेश ढौंडियाल, भुवन बिष्ट, भीम सिंह कार्की, मोहित लाल साह, हरीश राणा, प्रदीप जेठी, दिनेश भट्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं आयोजन समिति से जुड़े लोग मौजूद रहे।
नंदा देवी महोत्सव के 124वें आयोजन को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति ने स्पष्ट किया कि महोत्सव में धार्मिक आस्था के साथ कुमाऊं की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और विरासत को प्रमुखता दी जाएगी।
