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नेपाल में जलप्रलय के बीच इंसानियत शर्मसार: बाढ़ में बहकर आई महिला की लाश से सोने की बालियां नोचीं, दो गिरफ्तार

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नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इसी प्राकृतिक आपदा के बीच इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कथित तौर पर दो लोग बाढ़ के तेज बहाव में बहकर आए एक महिला के शव को किनारे खींचते नजर आ रहे हैं।

बाद में उन्होंने शव के कान से सोने के झुमके निकाल लिए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

बाढ़ के पानी में बहकर आया महिला का शव

घटना नेपाल के बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी नदी क्षेत्र की बताई जा रही है। 26 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा के आसपास ग्लेशियर टूटने और बड़े पैमाने पर मलबा नदी में आने के बाद अचानक आई बाढ़ ने रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। भोटेकोशी और त्रिशूली नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और रास्ते में आने वाले घर, सड़कें, पुल तथा अन्य बुनियादी ढांचे बुरी तरह प्रभावित हुए। 

इसी दौरान बाढ़ के पानी में बहकर एक महिला का शव नदी किनारे पहुंचा। वहां मौजूद कुछ लोगों ने शव को बाहर निकालने के बजाय कथित तौर पर उसके शरीर पर मौजूद सोने के आभूषणों को निशाना बनाया।

बाल पकड़कर खींचा शव, कान से नोची सोने की बाली

वायरल वीडियो में दो लोग एक लंबे डंडे की मदद से महिला के शव को नदी के बहाव से किनारे की ओर खींचते दिखाई देते हैं। शुरुआत में देखने वालों को लगा कि वे शव को सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद कथित तौर पर एक व्यक्ति ने महिला के बाल पकड़ लिए और उसके कान से सोने के झुमके खींचकर निकालने लगा। 

बताया जा रहा है कि बाली आसानी से नहीं निकल रही थी, जिसके बाद उसे जबरन खींचकर निकाल लिया गया। इस घटना ने बाढ़ जैसी भयावह आपदा के बीच मानवीय संवेदनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने की कार्रवाई

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस ने मामले की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से महिला के शव से निकाले गए सोने के झुमके भी बरामद किए गए हैं। 

पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ शव के साथ अमानवीय व्यवहार तथा चोरी से संबंधित कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

ग्लेशियर टूटने के बाद आई विनाशकारी बाढ़

नेपाल में यह आपदा 26 अगस्त को हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने के बाद शुरू हुई। ग्लेशियर से बर्फ और चट्टानों का भारी मलबा नदी तंत्र में गिरा, जिसके बाद अचानक तेज रफ्तार में पानी और मलबा नीचे की ओर आया। इससे भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के आसपास के इलाकों में हालात बेहद भयावह हो गए। �

रासुवा के बाद बाढ़ का असर नुवाकोट, धाडिंग और अन्य निचले इलाकों तक पहुंचा। कई गांवों के साथ सड़कें, पुल, हाइड्रोपावर परियोजनाएं और सीमा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। नेपाल सरकार के अनुसार राहत और बचाव एजेंसियां लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने तथा शवों की तलाश में जुटी हैं। 

सैकड़ों लोगों की मौत, बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता

आपदा के बाद मृतकों और लापता लोगों की संख्या लगातार बदल रही है। नेपाल के विदेश मंत्रालय की 27 अगस्त की जानकारी के मुताबिक, 359 शव बरामद किए जा चुके थे और 33 देशों के 596 लोग अब भी लापता बताए गए थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि राहत और बचाव अभियान जारी रहने के कारण आंकड़ों में बदलाव संभव है। 

बाढ़ में स्थानीय लोगों के अलावा बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के भी फंसे या लापता होने की खबर है। राहत एवं बचाव कार्य में नेपाली सेना, पुलिस और आपदा प्रबंधन एजेंसियां जुटी हैं। सड़क और संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण दूरदराज के इलाकों तक पहुंचना बड़ी चुनौती बना हुआ है।

आपदा के बीच बढ़ी मानवीय संवेदना की चिंता

नेपाल की इस त्रासदी में एक ओर जहां सेना, पुलिस, स्थानीय नागरिक और राहतकर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को बचाने में जुटे हैं, वहीं मृत महिला के आभूषण लूटने की घटना ने पूरे मामले को एक अलग ही पीड़ा दे दी है।

प्राकृतिक आपदा के बीच शवों की गरिमा और पीड़ित परिवारों के सम्मान की रक्षा करना प्रशासन के सामने एक अहम चुनौती बन गया है।