अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि पर युवा कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि, सरकार से पूछे सवाल
हल्द्वानी। तिकोनिया स्थित बुद्ध पार्क में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी की चौथी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अंकिता भंडारी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें याद किया। कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विशाल भोजक समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विशाल भोजक ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की ओर से लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन अंकिता भंडारी को अब तक न्याय नहीं मिल पाने को लेकर गंभीर सवाल बने हुए हैं। उन्होंने मामले की जांच की प्रगति और कथित वीआईपी से जुड़े सवालों पर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
विशाल भोजक ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले से जुड़े जिन सवालों को लेकर प्रदेश की जनता के बीच चर्चा है, उनका जवाब सार्वजनिक तौर पर सामने आना चाहिए। उन्होंने जांच की पारदर्शिता और मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर भी सरकार से स्पष्ट जानकारी देने की मांग की।
वहीं, ‘छात्रों की गूँज’ महानगर हल्द्वानी की को-ऑर्डिनेटर राधा आर्या ने भी अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि देते हुए महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी की आत्मा आज भी न्याय का इंतजार कर रही है। राधा आर्या ने प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग केवल एक परिवार का मुद्दा नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने मामले से जुड़े तमाम सवालों के जवाब सार्वजनिक करने तथा जांच की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने मोमबत्तियां जलाकर अंकिता भंडारी को याद किया और उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम के जरिए युवा कांग्रेस ने एक बार फिर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय, जांच की प्रगति और कथित वीआईपी से जुड़े सवालों को सार्वजनिक बहस के केंद्र में लाने का प्रयास किया।

