हल्द्वानी। कांग्रेस नेता मनोज शर्मा ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि वर्ष 2014 के बाद देश में सामाजिक विभाजन का माहौल पैदा किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले लोकसभा और राज्यसभा में देश के विकास, प्रगति और जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होती थी, लेकिन वर्तमान समय में राजनीतिक वातावरण को जानबूझकर विभाजनकारी बनाया जा रहा है।
जारी बयान में मनोज शर्मा ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक और संसदीय व्यवस्था के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक तथा वरिष्ठ दलित चिंतक Mallikarjun Kharge ने हाल ही में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि खड़गे के विचारों और संबोधन से उत्तराखंड के युवाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ।
मनोज शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े लोगों को खड़गे की जनसभा में उमड़ी भीड़ और जनसमर्थन रास नहीं आया। उनके अनुसार, जनसभा को असफल बनाने के लिए विभिन्न प्रयास किए गए, लेकिन जब बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे तो इसके अगले दिन रामलीला मैदान में कथित रूप से शुद्धिकरण हवन और गंगाजल का छिड़काव कराया गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो यह केवल मल्लिकार्जुन खड़गे का ही नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की विचारधारा शुरू से ही दलित विरोधी रही है और समय-समय पर ऐसे कदम सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाने का काम करते हैं।
मनोज शर्मा ने कहा कि इस पूरे मामले को मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में भी उठाया है और भाजपा की मानसिकता को देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा करोड़ों लोगों के सम्मान से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से इस प्रकरण पर देश से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी धर्मों और जातियों का सम्मान करने तथा सर्वधर्म समभाव की विचारधारा में विश्वास रखने वाली पार्टी है।
मनोज शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति या समाज का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले पर स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की है।
