‘इज्जत’ के लिए में डुबोकर हत्या, फिर शव के आगे झुका पिता
ऑनर किलिंग का सनसनीखेज मामला: अविवाहित बेटी के कथित गर्भवती होने पर पिता ने नदी में डुबोकर मारने का आरोप, शव की तलाश जारी
दिल्ली से दवा दिलाने के बहाने आगरा लाया गया, गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश का आरोप
आगरा/नई दिल्ली। रिश्तों और तथाकथित ‘इज्जत’ के नाम पर होने वाले अपराधों ने एक बार फिर समाज को झकझोर दिया है। दक्षिण दिल्ली के तिगड़ी थाना क्षेत्र से सामने आए एक कथित ऑनर किलिंग के मामले में पुलिस ने युवती के पिता पर अपनी ही 18 वर्षीय बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बेटी को दवा दिलाने के बहाने दिल्ली से आगरा लाकर चंबल नदी में डुबो दिया। मामले में पिता के साथ उसके दामाद की भी कथित संलिप्तता सामने आई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और चंबल नदी में युवती के शव की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से आगरा के बासौनी थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला परिवार लंबे समय से दक्षिण दिल्ली के तिगड़ी इलाके में रह रहा था। करीब चार दिन पहले परिवार ने तिगड़ी थाने में 18 वर्षीय युवती की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुरुआती तौर पर मामला सामान्य गुमशुदगी का प्रतीत हुआ, लेकिन जांच के दौरान पुलिस को परिवार के बयानों पर संदेह हुआ।
पुलिस ने जब परिवार से गहन पूछताछ की तो कथित तौर पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोप है कि युवती के पिता लखपत ने बताया कि वह 29 जुलाई को बेटी को दवा दिलाने का बहाना बनाकर दिल्ली से आगरा लेकर आया था। इसके बाद बासौनी क्षेत्र में चंबल नदी के किनारे पहुंचकर उसे नदी में डुबो दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, युवती अविवाहित थी और उसके कथित रूप से गर्भवती होने की बात परिवार को पता चली थी। इसी को लेकर परिवार नाराज था। पूछताछ में पिता ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया कि इस वारदात को अंजाम देने में उसके दामाद ने भी उसका साथ दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।
वारदात के बाद आरोपी पिता ने खुद ही तिगड़ी थाने में बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, ताकि शक उस पर न जाए। लेकिन पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और लगातार पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए परिवार के दावों में विरोधाभास पाया। इसके बाद कथित तौर पर आरोपी ने पूरी घटना स्वीकार कर ली।
स्वीकारोक्ति के बाद दिल्ली पुलिस आरोपी पिता और दामाद को साथ लेकर आगरा पहुंची और उनकी निशानदेही पर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद चंबल नदी में युवती के शव की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
हालांकि लगातार हो रही बारिश और चंबल के बीहड़ों का दुर्गम इलाका पुलिस और रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। घटनास्थल तक पहुंचने के लिए करीब पांच किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। बरसात के कारण वहां वाहन पहुंचना भी बेहद मुश्किल है। फिलहाल पीएसी के गोताखोरों की मदद से चंबल नदी में युवती के शव की तलाश जारी है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है। शव बरामद होने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले ने एक बार फिर तथाकथित पारिवारिक सम्मान के नाम पर होने वाले अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
