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स्कूल में प्यार, परिवार से लड़कर लव मैरिजः पत्नी ने अपने छात्र से ही बना डाले संबंध, फिर…..

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जिससे प्यार कर परिवार से लड़कर की शादी, उसी रिश्ते के टूटने का गम नहीं सह पाया मोनू; पत्नी और छात्र पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस

आठ साल पहले प्रेम विवाह, अब रिश्ते में आई दरार बनी मौत की वजह; पुलिस डायरी, वीडियो और अन्य सबूतों के आधार पर कर रही जांच

चंडीगढ़। चंडीगढ़ के मौलीजागरां क्षेत्र में एक प्रेम विवाह का दर्दनाक अंत सामने आया है। जिस लड़की के लिए मोनू ने परिवार के विरोध के बावजूद संघर्ष कर शादी की थी, उसी रिश्ते के टूटने का सदमा वह सहन नहीं कर पाया। 22 जुलाई को उसने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी कोमल और उसके छात्र सन्नी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिजनों के अनुसार, मोनू और कोमल पहले एक ही स्कूल में पढ़ते थे। बाद में दोनों ने एक ही कॉलेज में दाखिला लिया, जहां उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। जब दोनों ने शादी करने का फैसला किया तो परिवारों ने इसका विरोध किया। आरोप है कि दोनों ने घर की छत पर चढ़कर जान देने की धमकी दी, जिसके बाद परिवारों को आखिरकार शादी के लिए राजी होना पड़ा। करीब आठ साल पहले दोनों विवाह बंधन में बंधे और उनकी छह वर्षीय बेटी भी है।

शादी के शुरुआती वर्षों में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ रिश्ते में खटास आने लगी। मोनू ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता था, जबकि कोमल घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। इसी दौरान ट्यूशन पढ़ने आने वाले छात्र सन्नी से उसकी नजदीकियां बढ़ने लगीं। परिवार का आरोप है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए, जिससे पति-पत्नी के रिश्ते में दरार आ गई।

परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार कोमल को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह छात्र का साथ छोड़ने को तैयार नहीं हुई और अपनी बेटी को लेकर मायके चली गई। परिवार का आरोप है कि करीब 15 दिन पहले सन्नी कई युवकों के साथ उनके घर पहुंचा और हंगामा करते हुए कहा कि वह कोमल को अपने साथ ले जाएगा। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामला शांत कराया, लेकिन उस समय कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

मोनू के भाई और अन्य परिजनों का कहना है कि पत्नी के अलग होने के बाद वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। आत्महत्या से पहले बनाए गए एक वीडियो में वह अपने भाई के सामने रोते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त करता दिखाई देता है। परिवार के मुताबिक, वह लगातार अपनी पत्नी को वापस लाने और परिवार को बचाने की कोशिश कर रहा था।

परिजनों ने बताया कि 7 जुलाई को मोनू अपनी बेटी से मिलने ससुराल गया था। वहां से लौटने के बाद वह बेहद परेशान रहने लगा। आत्महत्या के बाद उसके कमरे से एक डायरी भी मिली, जिसे परिवार ने पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने डायरी और वीडियो को जांच का अहम हिस्सा बनाया है।

मोनू की मां का कहना है कि बेटे की सबसे बड़ी चिंता अपनी छह वर्षीय बेटी थी। वह चाहता था कि बेटी उसके साथ रहे, लेकिन उसकी यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी। परिवार का मानना है कि बेटी से दूर होने का दर्द भी उसे भीतर से तोड़ गया।

मोनू के भाई रमन ने आरोप लगाया कि शुरुआती शिकायत के बावजूद मौलीजागरां थाना पुलिस ने कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। बाद में सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में वीडियो और अन्य साक्ष्य सौंपने के बाद 24 जुलाई को पत्नी कोमल और सन्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

पुलिस का पक्ष

चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि परिजनों की शिकायत, बरामद डायरी, वीडियो और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।