ठेकेदार से विवाद के बाद नशे में नदी में लगाई छलांग, बीच धारा में पत्थर पर फंसा युवक; ग्राम प्रधान ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू
बागेश्वर। कपकोट क्षेत्र में मंगलवार को ग्राम प्रधान की सूझबूझ और साहस के चलते एक बड़ा हादसा टल गया।
ठेकेदार से विवाद के बाद सरयू नदी में छलांग लगाने वाले एक युवक को ग्राम प्रधान ने अपनी जान की परवाह किए बिना उफनती नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर किए गए इस साहसिक रेस्क्यू के कारण युवक की जान बच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के मोतिहारी निवासी 34 वर्षीय कन्हैया पटेल वर्तमान में कपकोट के हाइडिल क्षेत्र में कार्यरत हैं। मंगलवार को किसी बात को लेकर उनका ठेकेदार से पैसों के लेन-देन पर विवाद हो गया।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान डांट-फटकार मिलने के बाद वह शराब के नशे में ग्राम पनौरा के पास पहुंचे और आवेश में आकर सरयू नदी में छलांग लगा दी।
नदी का बहाव तेज होने के कारण युवक कुछ दूर तक बह गया। हालांकि किस्मत से वह नदी के बीचोंबीच एक बड़े पत्थर पर जाकर अटक गया। आसपास मौजूद लोगों ने जब युवक को नदी में फंसा देखा तो तुरंत मदद के लिए आवाज लगाई।
सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान पनौरा वीरेंद्र सिंह कपकोटी मौके पर पहुंचे। बिना देर किए उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालते हुए नदी में छलांग लगाई और तेज बहाव के बीच युवक तक पहुंचकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनके इस साहसिक कदम से मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना की सूचना मिलते ही थाना कपकोट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार युवक को मामूली चोटें आई हैं और उसकी हालत पूरी तरह खतरे से बाहर है।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह कपकोटी की बहादुरी और मानवता की भावना की जमकर सराहना हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ग्राम प्रधान ने समय रहते साहस नहीं दिखाया होता तो यह घटना एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी।
वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चिकित्सकों की तत्परता से युवक को समय पर उपचार भी मिल सका।
